जन्म और जीवन

जन्म को ही जीवन समझ लेना हमारी भूल है । जीवन निर्मित करना होता है, सृजन करना होता है । जन्म के साथ तो केवल अवसर मिलता है जीवन का, जीवन नहीँ । जीवन सिर्फ उन्हे उपलब्ध होता है, जो जीवन को सृजित करते है, जो अपने भीतर जीवन को निखारते है ।